जानिए कैसे अनिशा भारती ने BPSC की परीक्षा में 17वीं रैंक हासिल की | How Anisha Bharti Got 17th rank in BPSC

Anisha Bharti BPSC Topper 17th rank

मुख्य बिंदु

  • परिचय
  • BPSC परीक्षा क्या है ?(सामान्य परिचय )
  • अनिशा भारती की रणनीतियां 

तीनों स्तर को साथ में रखकर तैयारी करें
-पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को आधार बनाइये
-करेन्ट अफेयर्स से प्रश्न ज्यादा पूछे जाते हैं
-सही पुस्तकों का चयन
-मुख्य परीक्षा के लिए रणनीति

  • अनिशा भारती की गलतियों से आप सीखें

कभी भी अति आत्मविश्वासी न बनिए यह आपको हानि पंहुचा सकती है।
-हमेशा सभी चरणों की तैयारी एक साथ शुरू करें
-निरंतर अभ्यास करिये
-अनिशा की कुछ अपनी बातें

  • समाप्ति

 

 

 

नमस्कार दोस्तों
बिहार एक ऐसा राज्य है जहाँ बचपन से ही ज्यादातर लोगों में एक प्रशासक बनने की इच्छा रहती है। ऐसे में बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा ऐसे अभ्यार्थियों के लिए बिहार सरकार में एक प्रशासक बनने के स्वप्न को पूरा कर सकता है। दोस्तों इस परीक्षा से संभंधित हर एक को अच्छी जानकारी होनी चाहिए कि कौन सी चीज़ें कैसी होती है।

तो दोस्तों आज हम आपके लिए लेकर आये हैं एक अभ्यार्थी के सफलता के ब्रह्मास्त्र जिसके बल पर उन्होंने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में 17 रैंक हासिल किया है और इनका नाम है अनिशा भारती। दोस्तों आज हम जानेंगे कि कैसे अनिशा ने बिहार लोक सेवा आयोग की परीक्षा में शानदार 17वीं रैंक के साथ सफलता हासिल की और अनिशा की सफलता के आधार पर हम इनसे सीखेंगे कि कौन कौन सी बातों को ध्यान में रखते हुए हम भी इस परीक्षा में अच्छे रैंक के साथ सफलता हासिल कर सकते हैं।

BPSC परीक्षा क्या है ?(सामान्य परिचय )

दोस्तों हर एक राज्य को अपने व्यवस्था को सुचलित रूप से संचालित करने के लिए योग्य उम्मीदवारों की आवश्यकता होती है। इसके लिए हर राज्य के द्वारा प्रांतीय लोक सेवा की परीक्षा ली जाती है। बिहार राज्य के इस परीक्षा को बिहार लोक सेवा आयोग के नाम से जाना जाता है। इस परीक्षा के माध्यम से योग्य उम्मीदवारों को बहुत ही जिम्मेवार पद पर नियुक्ति कराया जाता है।

यह परीक्षा त्रिस्तरीय प्रणाली का होता है :-

  • प्रारंभिक
  • मुख्य
  • साक्षात्कार

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अनिशा भारती की रणनीतियां

तीनों स्तर को साथ में रखकर तैयारी करें

  • दोस्तों अनिशा भर्ती कहती हैं कि इस परीक्षा का पाठ्यक्रम बहुत वृहद् होता है। इस कारणवश अगर आप ऐसा सोचते हैं कि पहले आप प्रारंभिक की तैयारी करेंगे फिर मुख्य की फिर साक्षातकार की ,तो आपका सफल होने की संभावना तीव्रता से घट जाएगी।
  • आपको हमेशा मुख्य परीक्षा को पहले आधार बनाना चाहिए और साक्षातकार की तैयारी भी करनी चाहिए। आपको यह ज्ञात होना चाहिए कि प्रारंभिक परीक्षा मात्र क्वालीफाइंग प्रकृति का होता है।
  • असली युद्ध तो मुख्य परीक्षा में लड़ना है जहा आपके ज्ञान का परिक्षण हर दृष्टिकोण से होगा तथा आपका लेखन कौशल आपकी सफलता की संभावना को बहुत तेजी से बढ़ाएगा।
  • आप साक्षात्कार की भी तैयारी अपने स्तर पर अवश्य करें।

पिछले वर्ष के प्रश्न पत्रों को आधार बनाइये

  • दोस्तों अनिशा भारती कहतीं हैं कि BPSC पूर्ण विवरण सहित पाठ्यक्रम उपलब्ध नहीं करता है। ऐसे में अगर आपको यह लगता है कि आप पाठ्यक्रम को पढ़ कर आगे बढे तो यह उचित निर्णय नहीं होगा हालांकि ऐसा करने से आपके सफल होने की सम्भावना घटेगी नहीं परन्तु पिछले वर्ष के प्रश्नपत्रों से आपके सफल होने की संभावना बढ़ अवश्य जाएगी।
  • चुकी पाठ्यक्रम एक आधा अधूरा स्रोत है। अतः पिछले वर्षों के प्रश्न पत्र आपको यह बताएगा कि किस तरह के प्रश्न कहाँ कहाँ से पूछे जाते हैं। पिछले कई वर्षों के प्रश्न पत्रों को देखकर यह अनुमान लगाया है कि ज्यादातर प्रश्न निरंतर दोहराये गए है।
  • आपको प्रश्न पत्र अवश्य पढ़ना व उसका अभ्यास करना चाहिए।
  • वैसे भी किसी भी प्रतियोगिता में पिछले वर्ष के प्रश्न पत्र सफलता के लिए एक महत्वपूर्ण स्रोत माना जाता रहा है।

करेन्ट अफेयर्स से प्रश्न ज्यादा पूछे जाते हैं

  • अनिशा भारती कहतीं हैं कि उनके अनुभव के अनुरूप करंट अफेयर्स से अधिकतर प्रश्न पूछे जाते हैं। अतः इनके अनुभव का लाभ आपको लेना आवश्यक है। आपके लिए यह आवश्यक है कि आप करेंट अफेयर्स को अच्छे से पढ़ें।

सही पुस्तकों का चयन

  • अनिशा कहतीं हैं कि सही पुस्तकों का चयन करना आवश्यक है।
  • आपको इस क्षेत्र में अनुभवी लोगों की राय से पुस्तकों को खरीदना चाहिए।
  • आपको अपने पुस्तकों की संख्या कम रखनी चाहिए तथा वैसे पुस्तक जो आपको वो चीज़ें दे सके जिसकी आवश्यकता आपको है और जो BPSC एक योग्य अभ्यार्थी के रूप में आपसे चाहता है।

मुख्य परीक्षा के लिए रणनीति

  • अनिशा कहतीं हैं कि किताबी ज्ञान तो आवश्यक है ही परन्तु उस ज्ञान के प्रति आपके क्या विचार हैं इसकी समझ भी आपको होनी चाहिए।
  • इस प्रकार लेखन कला के माध्यम से आप उस विचार को उस उत्तर को उत्तरपुस्तिका में प्रतिबिंबित करने का अभ्यास आपके पास होनी चाहिए।
  • लेखन कला एक महत्वपूर्ण हथियार है अगर प्रश्न से संभंधित आपको उत्तर बहुत कम ही पता है तब भी अच्छी लेखन कला की सहायता से आप उस उत्तर को पूर्ण अंकदायी बना सकते हैं।
  • अतः अगर आप चाहते हैं कि मुख्य परीक्षा आपके हाथ में रहे तो आवश्यक है कि आप लेखन कला पर अत्यधिक ध्यान दें।
  • आपके स्वयं के द्वारा बनाये गए नोट्स आपको बहुत ज्यादा मदद करेंगे।
  • आपको अपने नोट्स अपनी समझ के अनुरूप बनाना चाहिए।
  • कई बार अभ्यार्थी इस बात को लेकर भ्रमित हो जाते हैं कि किस प्रश्न के उत्तर में बिंदु अनुरूप उत्तर लेखन करना है अथवा किस प्रश्न के उत्तर में अनुच्छेद। अनिशा भर्ती बतातीं हैं कि ये सारी बातें प्रश्न की मांग पर निर्भर करता है कि किस प्रकार का प्रश्न आपसे पुछा गया है।

अनिशा भारती की गलतियों से आप सीखें

अनिशा अपनी कुछ गलतियों को बताती हैं जिनसे आपको सीखनी चाहिए :-

कभी भी अति आत्मविश्वासी न बनिए यह आपको हानि पंहुचा सकती है।

  • अनिशा संघ लोक सेवा की भी तैयारी कर रही थीं परन्तु साक्षात्कार में उनका चयन नहीं हो पाया था। इसके बाद अनिशा को अति आत्मविशवास आ गया कि बिहार लोक सेवा की परीक्षा वे आराम से निकाल लेंगी। परन्तु जब उन्होंने परीक्षा दी तो प्रारंभिक परीक्षा में ही वो असफल हो गयी। परिणामतः अनिशा को एक वर्ष तक इन्तिज़ार करना पड़ा।

हमेशा सभी चरणों की तैयारी एक साथ शुरू करें

  • लोगों में ये भ्रम है कि पहले वे प्रारंभिक परीक्षा की तैयारी करेंगे फिर मुख्य फिर साक्षात्कार। यह धारणा आपको असफल करा देगी। हमेशा तीनों ही चरणों की तैयारी साथ में करें। ज्ञात हो कि लोक सेवाएं की परीक्षा आपकी किताबी ज्ञान के साथ साथ आपके व्यक्तित्व का परिक्षण तीनों चरणों के माध्यम से करती है। आपको इसमें ढलना होगा।

निरंतर अभ्यास करिये

  • इस परीक्षा में सफल होने के लिए कई कड़ियों को जोड़ना है जिसमे निरंतर प्रयास एक महत्वपूर्ण कड़ी है। आप जो पढ़ रहें है उसका अभ्यास भी आपको निरंतर करना चाहिए। निरंतर अभ्यास ही आपको सफलता के निकट लेकर जाएगी।

अनिशा की कुछ अपनी बातें

  • अनिशा कहतीं हैं कि आप स्वयं को प्रेरित रखें। हमेशा आप उन चीज़ों को समय दे जो आपको प्रेरित रखने में मदद करती है। साथ ही धैर्य रखें क्योंकि यह परीक्षा आपके धैर्य का भी परिक्षण कर्ता है।
  • अनिशा बताती हैं कि उनके पिता एक पुस्तक दुकानदार हैं। उनके पिता हमेशा से कहतें हैं कि लोग मेरे यहाँ से पुस्तक खरीद कर जाते हैं और प्रशासक बनते हैं।
  • और उनकी यही प्रेरणा थी कि मेरे दूकान से लोग पुस्तक खरीद कर प्रशासक बनते हैं तो निश्चित रूप से मेरे बच्चे भी प्रशासक बने। यही धारणा और लगन के परिणाम से अनिशा भारती के बड़े भाई आज एक IPS अफसर हैं।
     

अतः दोस्तों ये थी अनिशा भारती के कुछ अनुभव अंततः हम उनके आगे की भविष्य के लिए बधाई देते हुए उन्ही की द्वारा कही गयी हरिवंश राय बच्चन की कविता के साथ अंत करेंगे :-

लहरों से डरकर नौका पार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।
नन्हीं चींटी जब दाना लेकर चलती है,
चढ़ती दीवारों पर सौ सौ बार फिसलती है।
मन का विश्वास रगों में साहस भरता है,
चढ़कर गिरना, गिरकर चढ़ना नहीं अखरता है।
आखिर उसकी मेहनत बेकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

डुबकियां सिंधु में गोताखोर लगाते हैं,
जा जा कर गहरे पानी में खाली लौट आते हैं।
मिलते ना मोती सहज ही गहरे पानी में,
बढ़ता दूना उत्साह इसी हैरानी में।
मुट्ठी उसकी खाली हर बार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती।

असफलता एक चुनौती है स्वीकार करो,
कहां कमी रह गई देखो और सुधार करो।
जब तक सफल न हो नींद चैन की त्यागो तुम,
संघर्षो का मैदान छोड़ मत भागो तुम।
किए कुछ बिना जय जयकार नहीं होती,
कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती

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Article Source:- “Delhi Knowledge Track Youtube Channel”

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